मदार (आक ) के पौधे के आयुर्वेदिक फायदे | Aak ke paudhe ke Ayurvedic fayde

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मदार या आक  एक ऐसा औषधीय पौधा है जो पूरे भारत में किसी भी प्रकार की ज़मीन में अपने आप ही उग जाता है। आक के पौधे की प्रजाती दुनिया भर में गर्म जलवायु, शुष्क, और रेतीले हिस्सों में भी पायी जाती है। प्रायः इसके दो प्रकार होते हैं। Calotropis procera बैगनी फूल  और  Calotropis gigantea सफ़ेद फूल 

मदार के पौधे के फायदे (Aak ke ayurvedic fayede)

आक के पौधे के दो प्रकार होते हैं। आयुर्वेद में आक के सफ़ेद फूलों का अधिक प्रयोग किया जाता है। इस पौधे में सफ़ेद दूध निकलता है जिसका औषधि में काफी प्रयोग किया जाता है इस दूध में करमोटिव, एंटी -डीसेंट्रिक, एंटी सिफिलिटिक, एंटीफंगल, डाइफोरेटिक गुण होते हैं। ये कुष्ठ रोग, अस्थमा और त्वचा रोगों में भी बड़ा उपयोगी होता है।  इस पौधे की जड़ से पेचिश तथा अपच का भी इलाज किया जाता है।

आक के पत्तों के फायदे जोड़ों के दर्द में (Aak ke patte se dard ka upay)

जोड़ों का दर्द एक आम समस्या है और देखा जाता है की काफी लोग एलोपैथिक दवा खा-खा कर थक चुकें हैं लेकिन फिर भी दर्द में कोई कमी नहीं हुई।  तो ऐसे में आप मदार के पत्तों का प्रयोग कर सकते हैं।  इसका उपचार भी बड़ा सरल है , प्रभावित स्थान पर आप को मदार की पत्तियां बांधनी हैं। ऐसा करते रहने से बहुत जल्द ही अच्छे परिणाम दिखने शुरू हो जायेंगे।
    इसमें जलन -सूजन काम करने का गुण विद्यमान होता है। जो गठिया और संधिशोध जैसे बिमारियों के इलाज में बड़ा ही उपयोगी है। अगर आप तुरंत रहत पाना चाहते हैं तो इसकी पत्तियों को थोड़ा गर्म करके जोड़ों पर बांध लें।

त्वचा के लिए आक के पेड़ के फायदे ( Aak ke fayde spotless skin ke liye )

आक का उपयोग केवल स्वस्थ्य रहने के लिए ही नहीं बल्कि सौंदर्य वर्धक के रूप में भी किया जाता है। यदि आप के चेहरे पर दाग धब्बे हैं तो 3 gm हल्दी को आक के दूध के साथ मिला कर चेहरे पर लगाए। इसके इस्तेमाल से चेहरे के दाग धब्बे काम होने लगते हैं।

पाईल्स में आक के दूध से इलाज ( Aak ke doodh se piles ka ilaj )

मदार के दूध के फायदे कई सारे रोगों में होता है। अगर आप पाइल्स की समस्या से परेशान हैं तो आपको मदार का प्रयोग जरूर करना चाहिए। नियमित रूप से मदार का दूध बवासीर पर लगते रहें। कुछ ही दिनों में आप को रहत मिलने लगेगी।

आक के पत्ते से पाँव के छाले का इलाज ( Madar ke patte se pair ke chale ka ilaj )

 यदि आपके पैरों में छाले हो गए हैं तो आक का दूध आपके पैरों के छाले दूर कर सकता है। इलाज बड़ा ही आसान है सिर्फ आपको करना ये है की आक का दूध छाले के ऊपर लगाना हैं। तुरंत ही आपको रहत मिलने लगेगी।

मदार के पत्तों से कान का इलाज  ( Madar ke patte ka fayda kaan ki bimari me )

यदि आपको कान सम्बन्धी रोग हो गया है तो ऐसे में आपके लिए आक के पत्ते बड़े काम के साबित हो सकते हैं।  इसके लिए आपको मदार की पीली पत्तियां धो कर सूखा लें और इसका 1/4 cup रस लेना हैं और इसमें 1/4 cup तिल का तेल मिलाना है और इसमें एक -एक चुटकी लहसुन,कैलामास, दालचीनी, और हींग भी मिलाइये और इसे धीमी आंच पर धीरे धीरे चलते हुए  पका लिजिये।  बस अब तैयार है आपके कान के लिए दवाई सब इसे ठंडा होने के बाद एक शीशी में भर कर रख लें। कान में समस्या या दर्द होने पर इसकी कुछ बूँदें कान में डालें आपको रहत मिलने लगेगी।
   मदार के पत्ते पर देसी घी लगा कर गर्म करें और इसको कूट कर इसका रस निकाल कर भी कान में डाल सकते हैं आपको तुरंत आराम मिलेगा।

मदार के पत्तों से बढ़ाएं प्रजनन क्षमता (Madaar se banjhpan ka ilaj )

मदार का उपयोग महिलाओं की प्रजनन क्षमता बढ़ने में भी किया जाता है। इसके लिए आपको ऐसे मदार में पौधे जी जड़ चाहिए जिसमे सफ़ेद फूल हों। जड़ को छाया में अच्छी तरह सूखा कर बारीक़ पीस लें। और एक गिलास गाय के दूध के साथ 1 ग्राम मदार के पाउडर का सेवन करें।

कुष्ठ रोग में मदार की पत्तियों से इलाज  ( kusth rog me madar ke fayde )

 
कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति  मदार की पत्तियों को पीस कर सरसों के तेल में मिला ले और इसे अपने कुष्ठ रोग वाले स्थान पर लगा ले। ऐसा नियमित रूप से लगाने पर घाव जल्दी भरने लगेंगे।

खांसी को दूर करे मदार की जड़ ( Madar ki jad se khasi ka ilaj )

आक की जड़ छाव में सूखा कर किसका चूर्ण बना लें और इसमें  गुड़  5 ग्राम,  काली मिर्च 3 दाने मिला लें और इन सभी मिश्रण क़ो पीसकर मटर के बराबर गोलिया बना लें और दिन में दो बार गर्म पानी के साथ लें।  इस से कफ सम्बंधित रोग भी ठीक हो जाते हैं।

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