धूप जलाने के फायदे Dhoop jalane ke fayde

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धूपन या धूप या फिर धूनी देना एक अत्यंत लाभकारी प्रक्रिया है। प्राचीनकाल से ही मन की शांति और प्रसन्नता के लिए तथा घर से नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के लिए धूप का प्रयोग होता आया है। धूपन से मानसिक तनाव दूर होता है तथा कई सारे रोगों में भी लाभ मिलता है। धूप जलाने के फायदे के बारे में आज हम विस्तार से जानेगे।

पर क्या आप जानते हैं की धूप देने के कई नियम होते हैं। इससे वातावरण शुद्ध होता है लेकिन कब और किस वक़्त कौनसी धूप जलानी चाहिए इसके बारे में जानना बड़ा ही जरुरी है।अधूरी जानकारी से किये गए धूपन से आपके ऊपर और घर पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।

तो आइये जानते है धूपन या धूनी के विषय में सब कुछ। और ये भी जानेगे की धूप कितने प्रकार की होती है और हम घर में धूप कैसे बना सकते हैं।

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धूप के प्रकार dhoop ke prakar

मुख्य रूप से धूप के 6 प्रकार होते है। निम्नांकित धूप सबसे प्रचलित है इसके अलावा चिकित्सानुसार या दोष निवारण अथवा ज्योतिष विद्या अनुसार अलग-अलग अवसरो पर विभिन्न प्रकार की औषधियों या जड़ी बूटियों द्वारा धूनी देने का भी प्रचलन है।

  • गुग्गुल धूप
  • कपूर और घी गुड़
  • कपूर और लौंग धूप
  • दशांग धूप
  • लोबान धूप
  • षोडशांग धूप

धूप देने के नियम Dhoop dene ka tarika

धूपन के लिए हमे कंडे का इस्तेमाल करना चाहिए। सर्वप्रथम कंडे को जला लें और जब कंडे की आग बुझ जाये और कांडा सुलगने लगे तो उसपर धूपन सामग्री डाल दें।वैसे तो धूपन रोज़ करना चाहिए पर अगर ऐसा मुमकिन ना हो तो सप्ताह में दो बार तो धूपन करना ही चाहिए।

ऐसा माना जाता है की सुबह के समय धूप देवताओं को समर्पित होती है और शाम के समय पितरों को। धूप देने के पहले घर को साफ कर लें और यदि हो सके तो ईशान कोण में धूपन का प्रबंध करें।

धूप से निकला हुआ धुँआ और सुगंध सभी कमरों में फ़ैल जानी चाहिए। धूप के समय किसी भी प्रकार का संगीत नहीं बजाना चाहिए। और शांत होकर अपने आपको एकाग्र करने का प्रयास करना चाहिए।

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गुग्गुल धूप क्या होती है ? guggul kya hota hai

गुग्गुल धूप क्या होती है
गुग्गुल

guggul के पेड़ के किसी हिस्से को तोड़ने पर एक विशेष प्रकार का गोंद निकलने लगता है. इसे ही हम गुग्गुल कहते हैं। आयुर्वेद में हमें गुग्गुल का काफी जिक्र मिलता है।ये वैसे तो दवा के रूप में काफी प्रभावी होता है। इसका उपयोग धूप देने में भी प्राचीन काल से होता आया है। गुग्गुल धूपन से हमें कई रोगों में भी आराम मिलता है।

कैसे जलाते गुग्गुल धूप हैं ? gugal dhoop kaise jalaye

अन्य धूपों की तरह गुग्गुल धुप जलने के लिए एक कंडे को जला लें और कुछ देर उसे जलता रहने दें। जब इसकी आंच बुझ जाये और कांडा सुलगने लगे तो इसपर गुग्गुल डाल दें। धीरे-धीरे इसकी भीनी-भीनी खुशबू पूरे घर में फ़ैल जाएगी।

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गुग्गुल धूप देने के फायदे guggal dhoop benefits in hindi

guggul का उपयोग औषद्यि के रूप में होता है। इसकी सुगंध बड़ी ही मधुर होती है। इससे सर में दर्द, अनिद्रा इत्यादि रोगों में रहत मिलती है। मस्तिष्क और वातावरण शांत होता है। हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर इसका धूपन देना चाहिए।

कपूर और घी गुड़ की धूप kapoor aur ghee gud ki dhoop

घी, कपूर और गुड़ की धूप को अग्निहोत्र सुगंध भी कहा जाता है। इसे जलने के लिए भी कंडे को जला लें। जब कांडा सुलगने लगे तो उसके ऊपर घी, गुड़ और कपूर डालें। इससे निकलने वाले धुएं से वातावरण सुगन्धित होता है।

कपूर और लौंग की धूप के फायदे

रोजाना कपूर और लौंग को सुलगते हुए कंडे पर डाल कर धूपन देने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभ होता है।

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दशांग धूप dashang dhoop benefits

धूप जलाने के फायदे Dhoop jalane ke fayde
दशांग धूप

धूपन में कई प्रकार की सामग्रियों का प्रयोग होता है। अलग अलग सामग्रियों से धूप देने से विभिन्न फल प्राप्त होते हैं इनमे से दशांग धूप सबसे प्रचलित धूप है। इसकी सामग्रियों में 10 प्रकार की जड़ी का इस्तेमाल होता है इसीलिए इसे दशांग धूप कहा जाता है।

रोज़ाना ये धूप जलने से घर में तथा मैं में शांति रहती है। नकारात्मक ऊर्जा का क्षय होता है।

दशांग धूप घर पर बनाने की विधि Dashang dhoop banane ka tarika

हालां की दशांग धूप बाज़ार में बड़ी सुलभता से मिल जाता है परन्तु यदि आप चाहें तो इसे घर में भी बना सकते हैं। आप को निम्नलिखित सामग्रियों की आवश्यकता होगी।

सभी सामग्रियों को मिला कर अच्छी तरह से आते की तरह गूँथ लें। अब इसे धूप के आकार में बना कर रख लें। आपकी दशांग धूप तैयार है।

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दशांग धूप बनाने की सामग्री dashang dhoop ingredients in hindi

1.चंदन
2.कुष्ठ
3.नखल
4.राल
5.गुड़
6.शर्करा
7.नखगंध
8.जटामांसी
9.लघु
10.क्षौद्र
dashang dhoop samagri

लोबान धूप जलने के फायदे और नुकसान loban jalane ke fayde aur nuksan

लोहबान को सुलगते हुए कंडे पर डाल कर धूनी देने की एक विधि है।कहा जाता है की लोबान की धूनी देने से आकस्मिक दुर्घटनाओं का खतरा कम हो जाता है।लोबान की धुनि देने से खांसी और अन्य कई रोगों में आराम मिलता है।

लेकिन घर में बिना पूरी जानकारी के इसे जलना बहुत ही खतरनाक हो सकता है क्योंकि कहा जाता है की लोबान जलने से निकलने वाली सुगंध पारलौकिक शक्तियों को आकर्षित करती है। इसी लिए बिना किसी विशेषज्ञ से पूछे इसे भूल कर भी ना जलाएं।

लोबान क्या है ? loban kya hota hai ?

lohbaan एक पेड़ होता है जिसकी छाल को काटने पर अंदर से दूध जैसा पदार्थ निकलता है। इसे ही लोहबान कहते हैं इसमें औषधीय गुण पाए जाते है। इसी लिए आयुर्वेद में इसका सदियों से है। इसके इस्तेमाल से त्वचा सम्बन्धी रोग, खांसी इत्यादि रोगों में रहत मिलती है।

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इसके धूपन से खांसी, सर दर्द, हिचकी आदि में काफी आराम मिलता है। मुख्य रूप से इसका प्रयोग पूजा में और धूप जाता है। क्यों की इससे निकलने वाले धुएं में बक्टेरिया को खत्म करने और बीमारी नाशक गुण होते हैं।

1.Hindi (loban/benzoin in hindi) – लोहबान, लोबान
2.English (loban in english) सुमात्रा स्नोबैल (Sumatra snowbell), गम बेन्जोइन (Gum benzoin)
3.Sanskrit लोहवाण, श्यामधूप
4.Kannadaसाम्बीरानी (Sambirani)
5.Persianहस्न लब (Hasn lub)
6.Arabic  लोबान (Loban), जावी (Javi),
7.Malayalamकामीनीयान (Kaminiyan),
8.Marathiऊध (Oodh), लोबान (Loban), लुबान (Luban)
9.Bengaliलुबान (Luban), लोबान (Loban)
10.Teluguसाम्बीरानी (Sambirani)
11.Gujarati लोबान (Loban)
12.Tamilशाम्बिरानी (Shambirani)
लोबान के अन्य भाषाओँ में नाम

लोबान जलाने की विधि loban dhoop kaise jalaye

वैसे तो आज कल लोबान वाली अगरबत्तियां या लोबान धूप स्टिक भी बाज़ार में आसानी से मिल जताई है। पर यदि लोबान धूप जलाने के पूरे फायदे लेने हों तो सबसे अच्छा होता है की एक कांडा सुलगा लें।अब सुलगते हुए कंडे पर शुद्ध लोबान का टुकड़ा रख दें कुछ ही देर में लोबान की भीनी-भीनी खुशबू से सारा घर भर जायेगा।

लोबान को जलने के पहले किसी एक्सपर्ट से राय जरूर लें। क्यों की लोबान पारलौकिक शक्तियों को काफी तेज़ी से आकर्षित करता है। और यदि आप नियंत्रित नहीं कर पाए तो ये आपको हानि पंहुचा सकता है।

षोडशांग धूप जलाने के फायदे shodashang dhoop jalane ke fayde

जिस तरह दशांग धूप में 10 प्रकार की सामग्री का मिश्रण होता है। ठीक उसी प्रकार षोडशांग धूप में 16 प्रकार की सामग्रियों का मिश्रण तैयार किया जाता है। ऐसा कहा जाता है की सुलगते हुए कंडे पर इनकी धुनि देने से आकस्मिक दुर्घटनाओं का खतरा टल जाता है। हफ्ते में 1 बार इसकी धूप जलने से वातावरण शुद्ध रहता है तथा नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती हैं।

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षोडशांग धूप बनाने की सामग्री shodashang dhoop banane ki samagri

  1. तगर
  2. अगर
  3. कुष्ठ
  4. शैलज
  5. शर्करा
  6. नागर
  7. चन्दन
  8. इलाइची
  9. ताज
  10. नखनखी
  11. मुशीर
  12. जटामांसी
  13. कर्पूर
  14. ताली
  15. सड़लान
  16. गुग्गुल

षोडशांग धूप बनाने की विधि Shodashang dhoop banane ki vidhi

ऊपर लिखी सामग्रियों को ले कर एक डिब्बे में भर लें। और जब भी प्रयोग करना हो इसकी थोड़ी मात्रा सुलगते हुए कंडे पर डालें। किसी भी प्रकार की धूपन प्रक्रिया के लिए अग्नि में सीधे नहीं डालनी चाहिए। हमेशा सुलगते हुए कंडे का प्रयोग करना ज्यादा अच्छा होता है क्यों की ऐसे मे ये सामग्री धीरे-धीरे अपनी सुगंध फैलाती है।

षोडशांग धूप देने से मन को प्रसन्नता मिलती है और मानसिक तनाव दूऱ होता है। रोगो से छुटकारा मिलता है। इससे घर में मौजूद वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है। हिन्दू धर्म में नौरात्र में धूपन जरूर करना चाहिए।

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गायत्री केसर धूप जलाने के फायदे javitri gayatri kesar dhoop ke fayede

विशेष रूप से गायत्री केसर धूप का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र की बाधाओं से निजात पाने के लिए इसका धूपन दिया जाता है| यदि आपको लगता है की आपके घर में कुछ तंत्र-मंत्र किया हुआ है या परिवार का कोई सदस्य लगातार बीमार रहता है तो इसके लिए उपाए बड़ा ही सरल है।

21 दिनों तक लगातार शाम में गायत्री केसर साथ में गुग्गुल और जावित्री धूप जलाने से यदि किसी ने कोई तंत्र-मंत्र किया है तो वो भी कट जाता है। और घर में जितनी भी नकारात्मक ऊर्जा है समाप्तः हो जाती है।

नीम के पत्ते की धूनी के फायदे Neem ke patte ki dhuni ke fayede

आयुर्वेद में नीम का स्थान हमेशा से सर्वोपरि रहा है। नीम के पेड़ के पत्ते से लेकर जड़ तक हर चीज़ का औषधीय प्रयोग होता है। घर में नीम के पत्ते की धूनी देने से हर प्रकार के बैक्टेरिया जीवाणु इत्यादि नष्ट हो जाते हैं। और वास्तुदोष भी समाप्त हो जाता है। यह धूनी हफ्ते में 2 बार ज़रूर देनी चाहिए।

पीली सरसों की धूप जलाने के फायदे pili sarson ki dhuni

पिली सरसों गुग्गुल गाय के घी का धूपन शाम में करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

आशा करते हैं की आपको हमारा ये लेख धूप जलाने के फायदे पसंद आया होगा। यदि आपके कोई सुझाव हों या प्रश्न हो तो कमेंट में जरूर लिखें।

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