दालों के विभिन्न प्रकार और लाभ Daily dal khane ke fayde in hindi

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रोज़ दाल खाने से हमें काफी सारे पौस्टिक तत्व मिलते हैं। ये दाल बनाने की विधि के अनुसार ज्यादा-कम होते हैं। दाल बनाने के पहले कम से कम 1 घंटे दाल भिगो लेनी चाहिए। छिलके वाली दाल बिना छिलके वाली दाल से ज्यादा फायदेमंद होती हैं। आज इस लेख में दालों के विभिन्न प्रकार और लाभ Daily dal khane ke fayde in hindi के बारे में सबकुछ जानेंगे।

दाल भिगोकर खाने के फायदे ankurit daal khane ke fayde

भिगोने से दाल में मौजूद एंजाइम क्रियाशील हो जाते हैं जिससे दाल ज्यादा फायदेमंद हो जाती है। सूखी दाल की अपेक्षा भिगोई हुई दाल में विटामिन सी ज्यादा मात्रा में होता है। इसी प्रकार सूखी दलों की अपेक्षा अंकुरित दालों में फोलिक एसिड और अन्य विटामिन्स की मात्रा में 2-3 गुना ज्यादा पाए जाते हैं। भीगने से दाल अंकुरित हो जाती हैं।

सूखी दालों में कुछ पोषण रोधी तत्व फाइटेट और टैनिन जैसे पदार्थ होते हैं जो शरीर को कुछ पोषक पदार्थों की उपलब्धि पर बुरा प्रभाव डालते हैं। लेकिन अंकुरण में ये हानिकारक पदार्थ तोड़ कर निष्क्रिय कर दिए जाते हैं।

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दाल रात भर भिगो कर खाने के फायदे Daily overnight soaked dal khane ke fayde in hindi

शायद आपको जान कर हैरानी होगी की केवल रात भर भिगो देने से चने और अरहर से 50 % टैनिन अलग हो जाता है। मूंग और उरद को भी इसी प्रकार भिगो कर 25% टैनिन कम किया जा सकता है। 24-48 घंटे तक अंकुरण होने पर और 10-15% टैनिन में कमी आ जाती है।

सूखे चने में फाइटेट नाम का पदार्थ होता है। ये कुल फास्फोरस का 60% से ज्यादा होता है, लेकिन 48 घंटे अंकुरण के बाद केवल 44% ही रह जाता है। इस तरह फास्फोरस में कोई परिवर्तन नहीं होता। इसीलिए दालों में अंकुरण के बाद आयरन की मात्रा दोगुनी हो जाती है।

दालों में अंकुरण के बाद ये जल्दी पक जाती है। दाल सुपाच्य बन जाती है। यह तो सभी जानते हैं की दालों से आध्यमान या गैस बनने की स्थिति आ जाती है।

दालों के विभिन्न प्रकार और लाभ  Daily dal khane ke fayde in hindi
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अंकुरित दाल खाने के फायदे ankurit dal ke fayde in hindi

अन्य दालों की अपेक्षा चने की दाल से ज्यादा गैस बनती है। इस दाल में ऑलिगोसैक्राइड नाम की कुछ शर्कराओं की मौजूदगी गैस बनने का कारण होती है। पेट में मौजूद पाचक एंजाइमों की अनुपस्थिति से इन शर्कराओं का अवशोषण नहीं होता।

कुछ दालें विशेषकर चना, मूंग को बनाने की पारम्परिक विधियां भूनने और फूलने वाली हैं। इन दालों को भूनने और फूलने पर स्वाद अच्छा आता है।

दालों को पकने की प्रचिलित विधि दाल को पानी में उबालने की है। उबालने से अधिकाँश हानिकारक तत्व निष्क्रिय हो जाते हैं और ये शरीर के लिए फायदेमंद बन जाती है।

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मूंग की दाल खाने के फायदे Moong ki dal khane ke fayede in hindi

फाइबर और प्रोटीन का भरपूर स्रोत है मूंग की दाल। मूंग दाल का सेवन विशेष रूप से स्प्राउट बना कर किया जाता है। मूंग दाल को स्प्राउट बना कर खाने से इसमें प्रोटीन का स्तर काफी बढ़ जाता है। साथ ही इसमें फाइबर भी भरपूर होता है।

NCBI के एक शोध के अनुसार मूंगदाल में काफी मात्रा में पोषक तत्व होते हैं और ये कम्प्लीट प्रोटीन का स्रोत है। इसमें फ्लेवोनॉइड, फेनेलिक लिक़क्विड, कार्बनिक एसिड, एमिनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट, लिपिड जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

मूंग दाल में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल, एंटीइन्फ्लामेट्री, एंटीडायबिटिक गुण पाए जाते हैं जिनसे कई बीमारियां दूर होती हैं।

कुछ जरुरी मूंग दाल के फायदे Benefits of mung Beans in Hindi

  • antioxidant से भरपूर होती है मूंग दाल।
  • अधिक गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा कम करती है मूंग दाल।
  • मूंग दाल के नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है।
  • नियमित रूप से मूंग दाल के सेवन से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
  • 100 gm मूंग दाल में 625 mg फोलेट की मात्रा होती है। ये गर्भावस्था में माँ और होने वाले शिशु के लिए फायदेमंद होती है।
  • मूंग दाल अन्य दालों की अपेक्षा काफी सुपाच्य होती है। इसमें फाइबर और प्रोटीन की काफी मात्रा पाई जाती है।
  • एंटीऑक्सीडेंट और एंटीडायबिटिक गुणों से भरपूर होने के कारण यह खून में ग्लूकोस का स्तर काम करती है।

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अरहर /तुअर दाल के फायदे Benefits of Arhar dal in hindi

तुअर दाल या अरहर दाल सबसे ज्यादा भोजन में प्रयोग होने वाली दाल है। अरहर दाल वजन को नियंत्रित रखती है। इसमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है जिससे लम्बे समय तक भूख नहीं लगती। तुअर दाल में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो की ह्रदय रोग के खतरे को काम करने में सहायक होते हैं। यह शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढाती है।

तुअर दाल का उपयोग Arhar daal uses in hindi

  • सबसे ज्यादा प्रचलित विधि अरहर दाल नमक हाली के साथ उबालकर तथा हींग, मिर्च, जीरे का तड़का लगाकर बनाई जाती है।
  • अरहर दाल पीस कर और भून कर उसका पराठा भी बनाया जाता है।
  • चावल ततः दाल मिला कर इसकी खिचड़ी बनाई जाती है ये काफी सुपाच्य होती है।

भीगे हुए चने की दाल खाने के फायदे bhige chane ki dal ke fayde

चना एक ऐसा अनाज है जिसका प्रयोग बड़े अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। चने को भिगो कर स्प्राउट बनाकर खाया जाता है।

चने के छिलके उतार कर इसकी दाल के बनाई जाती है। और यदि इस दाल को पीस दें तो इससे बेसन तैयार हो जाता है। यदि इसे भून कर पीस दें तो चने का सत्तू तैयार हो जाता है।

चना दाल में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन, आयरन, फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है। आइये जानते हैं चना दाल के फायदे और लाभ Chana Dal benefits (fayde) in hindi

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चने की दाल के स्वास्थवर्धक लाभ Chana Dal Benefits in hindi

  • चना दाल में फैट काफी काम होता है इसलिए ये weight loss में काफी मदद करती है।
  • चना दाल में प्रोटीन, कैल्शियम और फोलेट भरपूर मात्रा में होता है।
  • फाइबर की भरपूर मात्रा इस दाल में होती है इसी लिए ये कोलेस्ट्रॉल काम करती है।
  • ये दाल काफी सुपाच्य होती है इसी लिए ये कब्ज की परेशानी दूर करती है।
  • चने की दाल में एमिनो एसिड होता है ये हमारे शरीर में कोशिकाओं को मज़बूती प्रदान करता है।
  • आयरन की काफी मात्रा होती है चना दाल में इसलिए रोज़ चना दाल खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है।
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उड़द की दाल के फायदे urad dal ke fayde

वैसे तो उरद की दाल कई प्रकार की होती है। परन्तु इनमे से काली उरद दाल सर्वोत्तम होती है। उरद की दाल का उल्लेख वैदिक काल से कई ग्रंथों में हमें मिलता है। कहा जाता है की जिस प्रकार मांसाहारियों के लिए मांस शक्ति वर्धक होता है, उसी प्रकार शाकाहारी लोगों के लिए उरद पौष्टिक है।

उड़द दाल में कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, ज़िंक इत्यादि अनेक लाभकारी तत्व होते हैं। उरद दाल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होती है। तो आइये जानते हैं उड़द दाल के फायदे और उपयोग का तरीका Urad Dal Uses and Benefits in hindi

उड़द दाल के फायदे और उपयोग का तरीका Urad Dal Uses and Benefits in hindi

  • प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है उरद दाल। मांस मछली का बेहतरीन विकल्प है ये दाल।
  • उरद दाल से अनेको व्यंजन बनते हैं जैसे डोसा, वड़ा, पापड़, लड्डू, दाल, इत्यादि।
  • मैग्नीशियम और फोलेट का स्टार बढ़ाता है। जिससे ब्लड सर्क्युलेशन अच्छा बनता है। इसीलिए हार्ट के लिए अच्छी है ये।
  • उड़द दाल में एंटी एजिंग गुण होते हैं। चेहरे पर इसका प्रयोग करने से त्वचा में निखार आता है।
  • इसमें आयरन की मात्रा भरपूर होती है इसलिए इसका सेवन महिलाओं को पीरियड के समय करना चाहिए।
  • पुरुषों के लिए उड़द काफी लाभदायक होती है। इससे यौन शक्ति बढ़ती है। उड़द दाल बलवर्धक होती है।

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मसूर की दाल खाने के फायदे Daily Masoor dal khane ke fayde

मसूर की दाल भी अन्य दलों की तरह प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। इस दाल में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। इसीलिए ये दाल ह्रदय रोग, मोटापा, कैंसर अदि रोगो से बचाव करती है। इस दाल का उपयोग भोजन तथा औषद्यि दोनों ही रूपों में किया जाता है। मसूर की दाल तीन प्रकार की होती है।

  1. काली मसूर दाल -इस दाल का रंग कला होता है और ये थोड़ी बड़ी होती है।
  2. मलका मसूर-काली मसूर दाल का छिलका हटा कर इसे बनाया जाता है। इस दाल का रंग लाल या गुलाबी होता है।
  3. दली मसूर दाल– मलका मसूर दाल को दो टुकड़ों में तोड़ कर इसे बनाया जाता है।

मसूर दाल के फायदे Benefits of Lentils in Hindi

मसूर दाल में फाइबर और प्रोटीन काफी मात्रा में पाया जाता है। ये ज्यादा समय तक भूख नहीं लगने देती इसलिए इससे वजन घटने में सहायता मिलती है।

इस दाल में पॉलीफिनॉल नमक तत्व पाया जाता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इस तरह ये ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

मसूर की दाल खाना क्यों जरुरी है? masoor dal khane se kya fayda hai ?

  • कोलेस्ट्रॉल ह्रदय के स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक होता है। मसूर दाल में फाइबर और पॉलीफिनॉल होता है ये इस खतरे को काम करता है।
  • MASOOR DAL में पेप्टाइड्स शरीर में संक्रमण के खतरे को कम करते हैं। ये इम्युनिटी बढ़ाते है।
  • मसूर की दाल में लेक्टिन पाया जाता है जिसमे कैंसर रोधी गुण होते हैं।
  • इस दाल में कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा होती है। ये हड्डियां मज़बूत करती है।
  • स्वास्थ्य ही नहीं सुंदरता के लिए भी मसूर दाल जानी जाती है। ये त्वचा को एक्सफोलिएट करती है और ओपन पोर्स की समस्या दूर करती है।

आशा करते हैं की आपको हमारा ये लेख दालों के विभिन्न प्रकार और लाभ Daily dal khane ke fayde in hindi पसंद आया होगा। यदि आपके इस विषय में कुछ सुझाव या प्रश्न हो तो कमेंट में ज़रूर लिखें।

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