Amritdhara सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार /कपूरधारा/जीवन रसायन बनाने की विधि

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सर्दी जुकाम, बुखार का घरेलू उपचार है Amritdhara – सर्दी जुकाम खांसी फ्लू के लक्षण दिखने पर आप कर्पूरधारा का प्रयोग कर सकते हैं। कपूरधारा खांसी जुकाम में कारगर घरेलू उपाय माना जाता है। किसी तरह का सर्दी खांसी या फ्लू संक्रमण होने पर परिवार के सदस्यों से दूरी बनाए।

  • सांस लेने में तकलीफ होने पर या बंद नाक होने पर गुनगुने पानी में कपूर धारा (जीवन रसायन ) की दो बूंद डालकर स्टीम।/भाप लेने से बंद नाक खुल जाएगी। सांस लेने में आराम मिलेगी और जमा हुआ बलगम बाहर निकल जाएगा।
  • पानी गर्म करें और उसमे नमक डालकर गरारा करने से आराम मिलेगा।
  • पीने के लिए गुनगुना पानी इस्तेमाल करें।
  • अदरक, तुलसी, लौंग, काली मिर्च की हर्बल टी पीने से आपको सर्दी जुकाम खांसी में आराम मिलेगा।
  • सर्दी दूर करने के लिए अजवाइन का सत या अर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।जो काफी प्रभाव कारी होता है।
  • एक गिलास गर्म दूध में कच्ची हल्दी डालकर या कच्ची हदी उपलब्ध न होने पर हल्दी पावडर मिलाकर हल्दी वाला दूध बना कर पी सकते हैं।
  • हल्दी का अर्क या ट्रिपल हल्दी ड्राप आप की प्रतिरोधक क्षमता को यानि आपकी इम्युनिटी को बढ़ावा देता है। तो आप चाहे तो उसका सेवन भी कर सकते हैं।
Amritdhara सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार
Amritdhara सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार

कपूरधारा /जीवन रसायन अर्क अमृतधारा के लाभ kapoordhara/amritdhara or jeevan rasayan benefits in hindi

जीवाणु नाशक, दर्द निवारक कपुरधारा या जीवन रसायन अर्क अमृतधारा को घर पर बनाया जा सकता है। यह दवाई हैजा, कालरा जैसी बीमारियों के लिए आयुर्वेद में सबसे अच्छी और उत्कृष्ट औषधि मानी जाती है। कपूर धारा जिससे हम जीवन रसायन दवा के नाम से भी जानते हैं। दवा लू /तापघात से भी बचाने का कार्य करती है।

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अमृतधारा किस काम आती है amritdhara uses in hindi

  • कपूर धारा सिरप को पेन रिलीफ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह हर तरह के दर्द को दूर करने वाला होता है तथा मार्केट में आसानी से मिल भी जाता है।
  • हैजा कालरा या लू लगने पर जीवन रसायनअर्क की दो-दो बूंदे बताशे में डाल कर देने से आराम मिलता है। हिचकी ,मितली, जी घबराना, चक्कर आना आदि में जीवन रसायन अर्क़ काफी लाभकारी होता है। दांतो के दर्द में कपूरधारा या अमृतधारा का सेवन लाभकारी।
  • दांतों में मसूड़ों में तेज दर्द होने पर नमक के पानी से कुल्ला करें। कपूरधारा तेल की दो बूंद रुई के फाहे में लेकर दर्द वाली जगह पर दबाने से तुरंत आराम मिलता है।
  • पेट दर्द में लाभकारी
  • मितली आने दें कपूर धारा
  • भूख ना लगने पर जीवन रसायन अर्थ दे।
  • त्वचा के रोगों में लाभकारी है।
  • मुंहासे पिंपल या फिर इन स्किन इन्फेक्शन से बचाने के लिए रसायनों का प्रयोग करें।
  • दाद खाज खुजली में लाभकारी होता है।
  • जुकाम खांसी फ्लू में लाभदायक कपूर द्वारा एंटीबैक्टीरियल एंटीबायोटिक यानी कि आज नाशक तथा पीड़ाहारी होता है।

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कपूरधारा या जीवन अमृत बनाने के लिए आवश्यक सामग्री Ingredients for making amritdhara or kapoordhara

  • 120 ग्राम भीमसेनी कपूर।
  • 60 ग्राम,पिपरमेंट के फूल या फिर पुदीने का सत।
  • 60 ग्राम थाइमोल या फिर अजवाइन का सत।
  • 24 ग्राम लोबान के फूल या फिर बोंजोइक एसिड।

कपूरधरा या जीवन रसायन घर पर बनाने की विधि how to make amritdhara at home

कपूर वटी को गोलियां या फिर लिक्विड फॉर्म में बाजार से लिया जा सकता है। परंतु आज Oddstree अपने लेख मे आपको जीवन रसायन अर्क या कपूर धारा/अमृतधारा Amritdhara घर में बनाने की विधि बताएगी।

इसको बनाना काफी आसान होता है। सबसे पहले एक खाली कांच की शीशी लेनी है। जिसमें आपको भीमसेनी कपूर, पिपरमेंट और थाइमोल यानी कि अजवाइन का सत मिलाना है। अब इसे अच्छी तरह से हिलाना है। जब यह लिक्विड फॉर्म ले ले तो फिर इसमें लोबान के फूल यानी कि बेंजोइक एसिड मिलाएं। आपका जीवन रसायन अर्क बनकर तैयार है।

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आप इसे किसी दर्द निवारक तेल के तरीके से भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

कपूर धारा या फिर जीवन रसायन अर्क के फायदे Benefits of kapoordhara amritdhara or jeevan rasayan

  • हैजा कालरा रोगों में विशेष रूप से उपयोगी है।
  • त्वचा संबंधी रोगों में लाभकारी है।
  • कठिन से कठिन दांत दर्द को तुरंत आराम पहुंचाने वाला है।
  • किसी प्रकार के दर्द में सहायक है।
  • सर्दी जुकाम या फिर जमे हुए बलगम को बाहर निकाल कर तुरंत आराम पहुंचाता है।
  • स्किन इन्फेक्शन में लाभदायक है।
  • दाद खाज खुजली मिटाने वाला।
  • उल्टी मितली में लाभकारी।
  • भूख ना लगने की समस्या में लाभदायक।
  • सर का भारीपन आधासीसी का दर्द या किसी भी तरह के सर दर्द में सहायक।
  • कान दर्द में लाभकारी।
  • जोड़ों के दर्द में अचूक लाभ।
  • आंव या अमावत यानी इंटेस्टाइन के लिए लाभकारी।

कर्पूरधारा /जीवन रसायन अमृतधारा उपयोग की विधि How to use kapoordhara / Jeevan rasayan

वयस्क दिन में 2 से 5 बूँद का इस्तेमाल करें। तथा बच्चों में जो कि 10 वर्ष से ऊपर हों 1 से 2 बूँद का इस्तेमाल करें।

ज्यादा छोटे बच्चों को इसका सेवन ना करवाएं। गर्भवती महिलाएं कपूरधारा या जीवन रसायन का इस्तेमाल ना करें या फिर अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।

Amritdhara सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार
Amritdhara सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार

कपूर धारा का सेवन कब करें

खाली पेट सेवन नहीं करें। उल्टी में भी अगर आपको सेवन करना है तो हल्का भोजन लेने के बाद ही इसका सेवन करें।

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कितनी बार कपूरधारा का सेवन करें kapoordhara uses in hindi

दो से तीन बार कपूर धारा का सेवन करना लाभकारी।

कपुरधारा या जीवन रसायन अमृत का किस तरह सेवन करें

स्टीम लेने के लिए पानी में दो बूंद कपूर धारा मिलाएं। और खाने के बताशे में आप 2 बूँद कपूरधरा को डालकर बताशे के अंदर रखकर सेवन करें।

कपुरधारा या जीवन रसायन अर्क के नुकसान Side effect of amritdhara or kapoordhara

जीवन रसायन यानी कपूर द्वारा अभी तक कोई नुकसान सामने नहीं आए हैं। इसके ऐसे कोई दुष्परिणाम पता नहीं चलते हैं। परंतु अगर आप चाहे तो इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक से परामर्श कर सकते हैं। गर्भावस्था एवं स्तनपान करने वाली महिलाएं इसका सेवन ना करें।

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