Fact about snakes in Hindi सांप के बारे में ये बातें आपको जरूर पता होनी चाहिए

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about snakes in hindi -आदि काल से ही सांप भारतीय संस्कृति से जुड़ा रहा है। अनेक पौराणिक कथाओ में भी इसका प्रसंग मिलता है। विश्व भर में कोई तीन हजार किस्म के सांप पाए जाते हैं। इनमें से केवल तीन सौ प्रकार के सांप ही विषेले होते हैं।

इन 300 किस्मों में से भी कुछ किस्मों के सांप आकार में बहुत छोटे होते हैं तथा कुछ के विषदंतों की रचना इस ढंग की होती है कि मनुष्य को जान से मारना उनके बस का काम नहीं। केवल आस्ट्रेलिया ही ऐसा भूखंड है, जहां विषैले सांपों की संख्या सर्वाधिक है। जबकि ब्रिटेन, क्युबा, जमैका, हवाई और मलागासे में तो विषैले सांप मिलते ही नहीं।

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सर्पविष विषैले गुणधर्म वाली एक लार है। इस लार में मुख्यतः प्रोटीन तथा अन्य कार्बनिक संयोग होते हैं और उनका तुलनात्मक परिमाण भी स्थिर नहीं रहता। हर किस्म के सांप का विष अलग-अलग प्रकार का होता है। आस्ट्रेलिया का व्याघ्रसांप (टाइगर स्नेक- नोटेकिस स्कुटेटस) दुनिया का सबसे जहरीला सांप है।

साँप कैसे डसते हैं? about snakes in hindi

डसने में सांप न तो जीभ का उपयोग करते हैं, न दुम का। सांप की जीभ की लगातार अंदर व बाहर आने-जाने की क्रिया तथा दुम के प्रायः हिलते रहने के कारण अनेक लोगों को यह भ्रम है कि वह जीभ या दुम से डसता है। वास्तव में जीभ सांप की घ्राणेंद्रिय है।

जिससे उसे आस-पास के वातावरण का अंदाज लगाने में सहायता मिलती है। इसी कारण उसकी जीभ का अंदर बाहर आना-जाना निरंतर जारी रहता है। उसकी जीभ इतनी चिकनी और नाजुक होती है कि उसे शत्रु के शरीर में घोंपना असंभव है।

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कुछ सांपों की विशेषता बिलों में रहने वाले सांपों की-दुम के छोर पर सींग की तरह कड़ा एक कांटानुमा आकार होता है, जिसे अनेक लोग भ्रांतिवश उसका डंक समझते हैं। चूंकि सांप प्रायः अपनी दुम हिलाता रहता है, इससे देखने वालों को यह भ्रम होता है कि शायद वह डसने का प्रयत्न कर रहा है।

सांप का जहर कैसे निकालते हैं ?

Fact about snakes in Hindi सांप के बारे में ये बातें आपको जरूर पता होनी चाहिए
सांप का जहर कैसे निकालते हैं

क्या आप जानते हैं की सांप अपने विषदंतों में स्थित छिद्रों में से विष की पिचकारी छोड़ते हैं, जो 10-12 फीट की दूरी तक जा सकती है। यही सांप का डसना है। आदमी के तो दो ही बार नए दांत निकलते हैं, मगर सांपों के कई-कई बार नए दांत निकलते हैं। असल में पुराने दांतों के झड़ने और नए दांत निकलने का सिलसिला उनके जीवन में चलता रहता है।

क्या सांप के पैर होते हैं

यही बात उसके विषदंत पर भी लागू होती है। सांपों के हाथ और पांव नहीं होते। लेकिन अंधे सांप और अजगर जैसे कुछ सांपों में पांवों जैसे अवशेष होते हैं ये उसके शरीर के दोनों ओर दो खड़े पदकंटों के रूप में दिखाई देते हैं। इनकी सहायता से अजगर खरोंच सकता है। पलकें न होने से सांप आंखें नहीं मूंद सकता।

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उसकी आंखों के चारों तरफ एक सख्त और पारदर्शक कवच होता है। केंचुली छोड़ते समय सांप इसे भी फेंक देता है और नई केचुली के साथ नया कवच धारण है। इस कवच के कारण उसे बिल में घुसते या पानी में तैरते समय आंखों पर बाहरी आघातों का खतरा नहीं रहता। कई बार जब सूर्य के प्रकाश में यह कवच चमकता है तो देखने वाले को डर लगता है। सांप के पलक न होने के कारण ऐसा लगता है कि वह हमारी ओर देख रहा है।

क्या साँप उड़ सकते हैं ? facts about snakes in Hindi

साप तैर सकते हैं, उड़ नहीं सकते सांप उड़ नहीं सकते। क्योंकि उनके पंख नहीं होते। लेकिन हमारेदेश में सांप की एक ऐसी जाति है सांपों के हाथ पांव नहीं होते जो पेड़ की ऊपर डाल से निचली डाल पर या जमीन पर आते समय अपना पूरा शरीर इस प्रकार फैला लेता है जैसे उड़ रहा हो। इस कारण उसे ‘उड़न
सांप’ कहते हैं।

लगभग सभी सांप पानी में भली-भांति तैर सकते हैं। अंधे तथा बिलों में रहने वाले सांप ऐसा नहीं कर सकते। जमीन के प्रायः सभी सांप शरीर को ठंडा रखने के लिए गर्मी के दिनों में अक्सर पानी में उतर जाते हैं। परन्तु पूरे समय पानी में रहने की क्षमता केवल पानी के सांपों में ही रहती है, सबमें नहीं।

साँप के काटने का इलाज about snake in hindi

Fact about snakes in Hindi सांप के बारे में ये बातें आपको जरूर पता होनी चाहिए
सर्पदंश

सर्पदंश का अब तक आविष्कृत विश्वसनीय इलाज है प्रति सर्प विष। यह जानवरों के (विशेषतः घोड़ों के ) रक्त से बनाया जाता है। बिल्कुल अल्प मात्रा से आरम्भ करके बढ़ते परिमाण में सर्प विष घोड़ों के शरीर में टोंचा जाता है। इस तरह धीरे-धीरे उन घोड़ों के रक्त में विष के प्रतिकार की शक्ति पैदा हो जाती है।

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विज्ञान की भाषा में कहें तो घोड़ा ‘प्रतिक्षम’ हो जाता है। पर्याप्त मात्रा में प्रतिक्षमता उत्पन्न हो जाने पर उसका रक्त निकाला जाता है। जिस जाति के सांप के विष के लिए यह प्रतिसर्प विष तैयार किया गया हो, उसी जाति के सांप के विष पर वह प्रभावकारी होता है।

किसी सांप के डसने पर विष का प्रभाव कम करने के लिए शीघ्र ही प्रतिसर्प विष का इंजेक्शन शिरा के माध्यम से दिया जाना चाहिए।

सांप और नेवले की कहानी


ये तो सभी जानते हैं की सांप पर आकमण करने की नेवले की जन्मजात प्रवृत्ति है। नेवले और सांप की लड़ाई में अक्सर नेवले की विजय होती है। इसलिए बहुत से लो यह समझते हैं कि नेवले के शरीर में नाग के विष का प्रतिकार करने की शक्ति होगी। लेकिन यह विचार गलत है।

वास्तव में नेवला इतनी चपलता और चालाकी से सांप पर हमला करता है कि उसे डसने का अवसर ही नहीं मिल पाता। अवसर मिल जाए, तो भी वह नेवले के शरीर में अपने विषदंत घुसा नहीं पाता।

कारण कि नेवला अपने शरीर के बालों को फुलाकर सांप के डसने में अवरोध उत्पन्न कर देता है। लेकिन अगर सांप वह नेवले को डसने में सफल हो गया तो फिर नेवला बच नहीं पाता।

सांप कैसे डसता है?

Fact about snakes in Hindi सांप के बारे में ये बातें आपको जरूर पता होनी चाहिए
snake bite

सांपों के बारे में हमारे समाज में अनेक भ्रामक धारणाएं हैं। लोग सांपों से बेहद डरते हैं लेकिन सांप जन्म से ही भीरु प्रकति का प्राणी होता है। नागराज (किंग कोब्रा) आदि चंद अपवादों को छोड़कर ज्यादातर सांप हड़बड़ी और आहट पाकर हमला करने के बजाय भाग निकलते हैं।

यदि भागने का पर्याप्त समय न मिले तो वे मरने का सा ढोंग रचते हैं और अवसर पाते ही चंपत हो जाते हैं। यानी वे खतरे के समीप नहीं जाते। उससे दूर रहना पसंद करते हैं।

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जब सांप चारों ओर से घिर जाए, उसके भागने के सभी रास्ते बंद हो जाएं और उसे छिपने के लिए स्थान न मिले, यदि वह जाने-अनजाने कुचला जाए तब वह बहुधा हमला करने को उद्यत हो जाता है। सांप हमला करने के पूर्व जोरों से फुफकार कर चेतावनी देता है।

सांप पहले फन उठाकर उग्र मुद्रा धारण करते हैं। फिर डसने का पैंतरा लेते हैं। कुछ सांप आवेश में आकर जमीन पर दुम पटकते डसने के लिए आगे बढ़ते हैं।

क्या सांप दूध पी सकता है ? myth about snakes in Hindi

दूध पिलाने की धारणा यह मानकर कि सांप दूध पीना पसन्द करते हैं, हिन्दू लोग नागपंचमी के दिन उन्हें दूध पिलाते हैं। लेकिन सांप दूध पीना कतई पंसद नहीं करते और न दूध उनका प्राकृतिक भोजन ही है। जीव विज्ञानियों ने प्रयोगों से सिद्ध किया है कि केवल दूध पर सांप अधिक दिन जिंदा नहीं रह सकते। यह भी देखा गया है कि यदि सांप के नजदीक एक बरतन में दूध और दूसरे में पानी भरकर रखा जाए तो व वह दूध के प्रति विशेष रुचि नहीं दिखाएगा।


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बीन की धुन पर क्यों नाचते हैं सांप ? myth about snakes in hindi

सांपों की श्रवणेन्द्रिय विकसित नहीं होती। इस कारण उन्हें ध्वनि का ठीक-ठीक ज्ञान नहीं होता। ऐसी अवस्था में उन्हें संगीत कैसे प्रिय होगा?

संपेरों के बीन बजाने पर सांप का डोलना सच है, मगर वह डोलना या झूमना संपेरों को इधर-उधर घुमाने के कारण न कि बीन की आवाज के कारण होता है। बीन बजाते समय यदि संपेरा एक ही जगह स्थिर रहे और बीन को न हिलाए तो सांप भी नहीं डोलेगा।

इसी तरह यदि सांप के सामने परदा लटकाकर दूसरी ओर बीन बजाई जाए तो वह कतई नहीं झूमेगा। सांप के बारे में इन सही तथ्यों और सच बातों को जानकर हम उनके बारे में प्रचलित अनेक भ्रामक धारणाओं से बच सकते हैं।

साभार -सुबुद्धि गोस्वामी (विज्ञान प्रगति)

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