black fungus se bachne ke upay ब्लैक फंगस या ब्लैक फंगल इन्फेक्शन से बचाव

Spread the love

किसी भी बीमारी से बचे रहना हमारी इम्युनिटी पर निर्भर करता है। स्ट्रांग इम्युनिटी वाले लोगो को किसी भी बीमारी का खतरा कम होता है। लेकिन जिसकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर होगी उसे कई बिमारियों का सामना करना पड़ता है। ब्लैक फंगस Black fungus यानी म्यूकरमाइकोसिस भी एक ऐसी ही बीमारी है जो कमज़ोर इम्युनिटी वाले लोगो को अपना शिकार बना रही है।

आजकल कोरोना काल में सब अपनी इम्युनिटी बढ़ने में लगे हुए हैं। कोरोना से वही बच पा रहे हैं जिनकी इम्युनिटी स्ट्रांग है। अभी कोरोना भी पूरी तरह ख़तम नहीं हुआ था ऐसे में ब्लैक फंगस Black fungus ने दस्तक दे दी। अब ब्लैक फंगस भी एक महामारी का रूप ले चुकी है। भारत में कई राज्य इसे महामारी भी भी घोषित कर चुके हैं।

इसे भी पढ़ें – Amritdhara सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार /कपूरधारा/जीवन रसायन बनाने की विधि

पर क्या आप जानते हैं ? ब्लैक फंगस कोई नई बीमारी नहीं है। ये पहले से ही हमारे बीच मौजूद थी। लेकिन यदि ये पहले से ही मौजूद थी तो इसने पहले ही महामारी क्यों नहीं लिए ?

आइये जानते है ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के बारे में विस्तार से। ये कहाँ से आई क्यों खतरनाक है, ब्लैक फंगस के लक्षण क्या है, इसका ब्लैक फंगस से बचाव कैसे कर सकते है ?

क्या है ब्लैक फंगस ? Black fungus in hindi

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) मेदांता हॉस्पिटल (Medanta)के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन (Dr Naresh Trehan) ने ब्लैक फंगस के बारे में बताया है। डाक्टरों के अनुसार ब्लैक फंगस मिटटी में पाया जाने वाला एक फंगस है। यह पहले से ही मौजूद है। पर कोरोना होने के बाद जिनकी इम्युनिटी कमज़ोर हो जाती है या एस्टेरॉइड का ज्यादा सेवन करने से जिनकी प्रतिरोधक क्षमता काम हो जाती है। उन्हें ही ये अपना शिकार बनता है।

पहले ब्लैक Black fungus infection होने की सम्भावना करीब 1 लाख में से 1को थी। पर इस समय ये तेज़ी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है। सबसे ज्यादा चिंता का विषय इसकी मृत्यु दर है। जो की 50 % है। यदी मृत्यु न भी हो तो आखें तक निकालनी पड़ सकती है।

इसे भी पढ़ें – करक्यूमिन के फायदे, हल्दी के अर्क में मिलने वाला करक्यूमिन है एक चमत्कारी औषद्यि

डायबिटीज के मरीज़ को है ज्यादा खतरा ब्लैक फंगस से

डॉ. गुलेरिया और डॉ. त्रेहन  के अनुसार जो डाइबिटीज़ के मरीज़ हैं यदि उनको कोरोना हो जाये तो ऐसे में उन्हें ब्लैक फंगस होने का ज्यादा रिस्क होता है। चूँकि डाइबिटीज़ के मरीज़ एस्टेरॉइड का इस्तेमाल करते हैं। इससे उनका इम्युनिटी लेवल काफी कम हो जाता है।

 डॉ. नरेश त्रेहन ने बताया की बिना डॉक्टरी सलाह के स्टेरॉइड नहीं लेनी चाहिए। डॉक्टर के अनुसार स्टेरॉइड जितना हो सके कम मात्रा में ही लें । पर यदि ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं हो तो डॉक्टर से बिना पूछे स्टेरॉइड लेना बंद न करें ।

ब्लैक फंगस के लक्षण क्या हैं ? black fungus symptoms in hindi

  • बार बार नाक बंद होना।
  • नाक से खून या काला काला कुछ निकलना
  • नाक का ऊपरी हिंसा कला होने लगना
  • चेहरे में दर्द होना
  • एक तरफ का चेहरा सुन्न होना
  • आँखों में दर्द होना
  • कुछ दिखाई न देना या धुंधला दिखाई देना
  • आँखों के आस पास सूजन होना
  • सांस लेने में तकलीफ या दर्द होना
  • ब्लैक फंगस फेफड़े, आँखों और मस्तिष्क को प्रभावित करता है।
  • खखारने पर खून निकलना
  • पलकों में सूजन
  • दांतों का हिलना
  • चेहरे का रंग बदलने लगना
  • नाक में दिक्कत लगना

ब्लैक फंगस के शुरुआती चरण और घर पर चिकित्सा

treatment of fungal infection in hindi यदि ब्लैक फंगस को शुरू में ही पहचान लिया जाये तो इसे घर पर ही दवाओं के सेवन से रोका जा सकता है। स्थिति खराब चौथे चरण में होती है। आइये जानते है क्या -क्या चरण है ब्लैक फंगस के और रखनी है क्या सावधानियाँ।

इसे भी पढ़ें –गोंद के लड्डू ताकत से भरपूर सुस्ती रक्खे दूर

ब्लैक फंगस का पहला चरण

यह नाक या मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। शुरूआती लक्षण में चेहरे में सूजन होना। चेहरे के एक भाग में दर्द होना। नाक से काला पदार्थ निकलने लगना। यदि डॉक्टर की सलाह लेकर घर पर की दवाइयाँ शुरू कर दें तो ये 15-20 दिनों में सही हो सकता है।

ब्लैक फंगस का दूसरा चरण

दूसरे चरण में ब्लैक फंगस आंख को प्रभावित करता है। आंख में दर्द, आँख लाल होने लगना , धुंधला दिखाई देना या प्रतिलिपि दिखाई देना इसके लक्षण हैं । डॉक्टर की सलाह से एंटीफंगल दवाओं द्वारा इसे ठीक किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें – दालों के विभिन्न प्रकार और लाभ आपको ज़रूर पता होने चाहिए

ब्लैक फंगस का तीसरा चरण

स्थिति गंभीर होने लगती है। मुंह के ऊपरी तालू में खरोंच जैसी काले रंग की लकीरें बनने लगती हैं । इस चरण में भी घर पर मरीज़ का इलाज हो सकता है। डॉक्टर की सलाह लेते रहें। दवाओं से यह ठीक हो जाता है।

ब्लैक फंगस का चौथा चरण

यह चरण सबसे खतरनाक होता है। मुंह से खून की नसों में चला जाता है। धीरे धीरे ये नसों द्वारा हर अंगों में फैल जाता है। ऐसे स्थिति में हॉस्पिटल में एडमिट किया जाता है और हाई पावर एंटी फंगल दवाइयां दी जाती हैं।कई बार मरीज की आँख तक निकालनी पड़ती है।

इसे भी पढ़ें – फ़ूड पॉइजनिंग के कारण लक्षण बचाव घरेलु नुस्खा और इलाज food poisoning Hindi

 ब्लैक फंगस से बचने के लिए जरूरी उपाय Black Fungus Se Bachne Ke Upay Hindi

 किसी भी बीमारी का इलाज करने से अच्छा होता है की पहले ही सावधानी बरती जाये की बीमारी हो ही न। उपरोक्त लेख पढ़ कर आप जान गए होंगे की ब्लैक फंगस कितना खतरनाक है। आइये जानते हैं ब्लैक फंगस से बचाव के तरीके Black fungus Se Bhachav Ke Tarike

रोजाना 2-3 बार करें ब्रश Black fungus Se Bhachav Ke Tarike

रिसर्च में पता चला है की कोरोना मरीजों को जो दवाइया दी जाती हैं उससे मुँह में फंगस और बैक्टेरिया पनपने का खतरा होता है। डॉक्टर्स बताते हैं की ऐसे में ओरल हाइजीन का ख्याल रखना काफी ज़रूरी होता है। दिन में 2-3 बार ब्रश करने की सलाह दी जाती है।

इसे भी पढ़ें – डाइट चार्ट इन हिंदी|पतले होने के लिए क्या खाना चाहिए क्या नहीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *