डाइट चार्ट इन हिंदी|पतले होने के लिए क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए

Spread the love

वजन कंट्रोल या पतले होने के लिए क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए |डाइट चार्ट इन हिंदी – वजन घटाना है, अच्छी फिगर चाहिए, तो चलो आज से ही शुरू करें डाइटिंग। पर जरा एक मिनट, डाइटिंग का गलत तरीका आपको बीमार बना सकता है, इसलिए तौबा करें, ऐसी-वैसी डाइटिंग से और हेल्दी रह कर वजन घटाएं। हैप्पी डाइटिंग !

हाल ही में हुई रिसर्च यह बताती है कि जो लोग थोड़े गदबदे या गोलमटोल होते हैं, वे दुबले लोगों के मुकाबले लंबे समय तक जीते हैं। यह राज छिपा है हमारे शरीर में मौजूद फैट सेल्स में। ये फैट सेल्स हमारे बीमार पड़ने या उम्र बढ़ने पर हमारी रक्षा के लिए आगे आते हैं, जिससे हम लंबे समय तक जी पाते हैं। इसलिए अपनी गोलमटोल काया से प्यार करें और जुग जुग जिएं।

यदि आप मोटे हैं, तो डाइटिंग से आपकी जान-पहचान पुरानी होगी ही। कभी कम खाना, तो कभी खाने से माघी-तेल निकाल देना आप भी करते होंगे, पर कभी डाइटिंग के कुछ ऐसे तरीके भी अपना लेते हैं, जो सेहत और जान दोनों के दुश्मन बन जाते हैं। जानिए डाइटिंग के कुछ ऐसे ही तरीकों के बारे में-

इसे भी पढ़ें –सौंफ और अजवाइन के हैरान करने वाले फायदे

स्लीपिंग ब्यूटी डाइट Sleeping beauty diet pros and cons in Hindi

अकसर मोटे लोगों की सोने से पहले यह प्रार्थना होती है कि काश वे किसी तरह थोड़े पतले हो जाएं। मोटे लोग यह प्रार्थना सच करने के लिए सोते ही रह जाते हैं। दरअसल, पतले होने की धुन में लोग यह सोचने लगते हैं कि आप अगर कई- कई दिनों तक सोते ही रहेंगे, तो बॉडी में कोई कैलोरी नहीं जाएगी और आप जब उठेंगे, तो वजन कुछ कम हो चुका होगा।

खामियां : ऐसी कोशिश से आपका बीएमआर अचानक से कम हो सकता है। अगर लंबे समय तक सोने के लिए नींद की गोली खायी जाए, तो रिस्क बढ़ सकता है। लंबी नींद के बाद आप उठेंगे, तो बहुत ज्यादा भूख लगी होगी। मूड स्विग, हकलाहट, नींद में गड़बड़ी आदि इसके साइड इफेक्ट हैं

इसे भी पढ़ें – क्यों है चौलाई खाना इतना ज़रूरी ?

ओनली प्रोटीन डाइट Protein only diet benefits and side effects in Hindi

जब भी खाएं, सिर्फ प्रोटीन ही खाएं। ऐसी डाइटिंग करनेवाले अपनी डाइट में किसी तरह की कैलोरी, फैट, कार्बोहाइड्रेट्स आदि शामिल नहीं करते। खाने में सिर्फ पनीर, मीट ही खाया जाता है।

खामियां : खाने में मैदा, चावल कम करके वजन कम हो सकता है, पर यह डाइट हेल्दी नहीं है और जहां तक प्रोटीन का सवाल है, तो वह भी लीन प्रोटीन जैसे ग्रिल्ड चिकन, फिश, लो फैट पनीर और दही खाएं तो ठीक है, वरना इस डाइट का कोई फायदा नहीं है।

इसे भी पढ़ें -अश्वगंधा के बहुमूल्य फायदे

लेमन डिटॉक्स डाइट lemon detox diet benefits and side effects in Hindi

डाइट चार्ट इन हिंदी|पतले होने के लिए क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए
लेमन डिटॉक्स डाइट

यह डाइट चार्ट इन हिंदी में लोग कई तरह से फॉलो करते हैं। इसके तहत शरीर से हानिकारक विषैले तत्वों को बाहर निकालने की कोशिश की जाती है। इस तरह की डाइटिंग को फॉलो करनेवाले एक दिन में ऑरेंज जूस, हर्बल टी, नीबू पानी या सिर्फ पानी समेत दिन में 8 से 10 गिलास तरल चीजें पीते हैं। कुछ लोग सिर्फ लेमोनेड डाइट यानी एक दिन में 8-12 गिलास लेमोनेड वह भी लाल मिर्च डाल कर पीते हैं।

खामियां : बॉडी को डिटॉक्स करना जरूरी है, पर जरूरी नहीं कि सिर्फ डिटॉक्स करने से ही आपका वजन कम होगा। सिर्फ लेमन या ऑरेंज जूस पीने से एसिडिटी होती है, मेटाबॉलिज्म स्लो होगा, पाचन क्रिया खराब हो जाएगी और फूड क्रेविंग्स बढ़ेगी।

इसे भी पढ़ें –गोंद के लड्डू ताकत से भरपूर सुस्ती रक्खे दूर

संडे हो या मंडे रोज खाएं अंडे Egg diet benefits and side effects in Hindi

जिस बेचारे अंडे पर सालों से कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का ठप्पा लगा हुआ है, वह तो दरअसल मोटापे का दुश्मन है। रोज नाश्ते में अंडा खाने से लंच और डिनर में खायी जानेवाली कैलोरीज को आप कम कर सकती हैं। दरअसल, अंडे खाने से पेट ज्यादा देर तक भरा रहता है, जिससे खाने से पहले की जानेवाली स्नैकिंग पर रोक लगती है, साथ ही खाना भी कम खाया जाता है।

अंडों का नाश्ता कॉर्नफ्लेक्स, टोस्ट और जूस के मुकाबले ज्यादा सेहतमंद है और स्लिम-ट्रिम रखनेवाला भी। चाहें, तो अंडे के साथ ब्राउन या मल्टीग्रेन ब्रेड खाएं। पतला होना सेहत के लिए तो अच्छा है, पर सींक-सलाई होना ठीक नहीं।

इसे भी पढ़ें – आयुर्वेदिक मसाला चाय बनाने की आसान विधि 

रॉ फूड डाइट चार्ट इन हिंदी Raw food diet benefits and side effects in Hindi

32 Best kitchen tips in hindi किचन की किच-किच से बचाने वाले किचेन टिप्स
Raw food diet

आपको दिनभर में 75 प्रतिशत तक कच्चे फल व सब्जियां खानी हैं, क्योंकि माना जाता है कि कुकिंग के दौरान पाचन में मदद करनेवाले फल व सब्जियों के एंजाइम्स नष्ट हो जाते हैं। कच्चे फल व सब्जियों के अलावा खाने में मगज, सूखे मेवे, हरे पत्ते आदि शामिल रहते हैं।

खामियां : सिर्फ कच्चा खाना आपको पतला नहीं बनाएगा, साथ ही हर चीज आप कच्ची नहीं खा सकतीं। सूखे मेवों और कच्ची हरी सब्जियों से भरपूर आयरन तो मिलेगा, पर कैल्शियम की कमी हो जाएगी, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है।

इसे भी पढ़ें – Amritdhara सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार /कपूरधारा/जीवन रसायन बनाने की विधि

कैबेज सूप डाइट चार्ट इन हिंदी Cabbage soup diet benefits and side effects in Hindi

इसमें आपको लगातार 7 दिनों तक सिर्फ पत्तागोभी, शिमला मिर्च व हरे प्याज का सूप पीना है।

खामियां : ऐसी डाइट में जरूरी पोषक तत्व नदारद रहते हैं, खासकर कैल्शियम, आयरन, जिंक और विटामिन बी। कम कैलोरी लेने से वजन घटेगा, पर कुछ समय बाद बॉडी ब्लोटिंग होगी और लंबे समय बाद वजन बढ़ेगा। इसके अलावा जी मिचलाना, डिप्रेशन, डायरिया भी हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें – समुद्री झाग के चमत्कारी लाभ

फाइव फैक्टर डाइट चार्ट इन हिंदी 5-factor diet plan benefits and side effects in Hindi

यह 5 सप्ताह का प्लान होता है, जिसमें एक दिन में 5 बार सिर्फ 5 चीजें खायी जा सकती हैं। एक बार के भोजन में प्रोटीन, गुड फैट्स, हेल्दी कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर और शुगर फ्री ड्रिंक शामिल रहते हैं। इसके साथ ही आपको सप्ताह में 5 दिन कम से कम 25 मिनट एक्सरसाइज करनी होगी।

खामियां : भोजन को सिर्फ 5 चीजों तक ही सीमित करना ठीक नहीं। एक पोषक तत्व को बॉडी में एब्जॉर्ब करने के लिए दूसरे पोषक तत्व की जरूरत होती है, वरना वह बेकार हो जाता है और शरीर को कोई भी पोषक तत्व ठीक से नहीं मिल पाता, साथ ही ईटिंग डिस्ऑर्डर्स हो जाते हैं।

डाइटीशियन अंबिका शर्मा का इस डाइटिंग ड्रामे के बारे में कहना है, “आज चूंकि हर कोई कम समय में परफेक्ट दिखना चाहता है, इसलिए तरह- तरह की डाइटिंग को ले कर क्रेज बढ़ रहा है,

इसे भी पढ़ें – करक्यूमिन के फायदे, हल्दी के अर्क में मिलने वाला करक्यूमिन है एक चमत्कारी औषद्यि

जिसके कारण शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। वजन एक या दो दिन में नहीं, बल्कि कई महीनों में धीरे-धीरे बढ़ता है। यही बात वजन घटाने पर भी लागू की जानी चाहिए। एक सप्ताह या 10 दिन में वजन घटाने की कोशिशें बेशक कामयाब हो जाएं, पर जब आप वापस अपने पुराने रूटीन पर आ जाते हैं, तो आपका वजन फिर उसी तेजी से और ज्यादा बढ़ता है।

डाइटिंग के गलत तरीके आपकी सेहत को लंबे समय तक प्रभावित करते हैं। किडनी, लिवर पर तो बुरा असर पड़ता ही है, आप दिल के रोगी भी हो सकते हैं। साथ ही बार-बार गलत डाइटिंग करने से एनोरेक्सिया, बुलिमिया जैसे ईटिंग डिस्ऑर्डर्स के भी शिकार हो सकते हैं।

इसलिए वजन घटाने के लिए किसी शॉर्टकट का नहीं, बल्कि सही डाइट और नियमित एक्सरसाइज का ही सहारा लें।

इसे भी पढ़ें –कहीं आप या आपके आसपास कोई डिप्रेशन का शिकार तो नहीं ? जानें इससे बचने का तरीका 

हे बेबी डाइट hey baby benefits and side effects in hindi

आपको सिर्फ बेबी फूड खाना है, ताकि एक दिन में कैलोरी इनटेक सिर्फ 600 कैलोरी तक ही रहे।

खामियां : बेबी फूड शिशुओं के लिए बनाया जाता है, जिनकी पोषण संबंधी जरूरतें वयस्कों के मुकाबले कम होती हैं। सिर्फ बेबी फूड खाने से आपके शरीर में पोषक तत्वों की गंभीर कमी हो सकती है। बच्चे इस आहार के साथ मां का दूध भी पीते हैं। ऐसी डाइट से आयरन की कमी हो जाएगी।

इसे भी पढ़ें –गुड़ खाने के ये फायदे और नुकसान जानकार रह जायेंगे हैरान

ग्रेप फूट डाइट Grapefruit diet benefits and side effects in hindi

डाइट चार्ट इन हिंदी|पतले होने के लिए क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए
Grapefruit diet

ग्रेप फ्रूट यानी चकोतरा फैट जलाता है, इसीलिए हर बार खाना खाने से पहले यह खा लिया जाता है, जिससे शरीर में अतिरिक्त चरबी जमा ना होने पाए।

खामियां : सिर्फ चकोतरा खा कर आप वजन नहीं घटा सकते। आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि एक दिन में 800 कैलोरी बहुत कम हैं। एक आम व्यक्ति को एक दिन में 1800-2200 कैलोरी तक की जरूरत होती है।

इसे भी पढ़ें – दालों के विभिन्न प्रकार और लाभ आपको ज़रूर पता होने चाहिए

जनरल मोटर्स डाइट General motors diet benefits and side effects in Hindi

यह एक सप्ताह का डाइट प्लान है। पहले दिन केले को छोड़ कर सारे फल, दूसरे दिन सिर्फ सब्जियां (उबली या कच्ची), तीसरे दिन फल व सब्जियां दोनों और 8-10 गिलास पानी, चौथे दिन केले और स्किम्ड मिल्क, साथ में वेजिटेबल सूप, पांचवे दिन ब्राउन राइस, दही, टमाटर और खीरा, छठे दिन ब्राउन राइस और सब्जियां या मीट, सातवें दिन ब्राउन राइस, सब्जियां, फल, फ्रूट जूस और भरपूर पानी पिएं।

खामियां : यह डाइट साल में एक बार आप अपना सकते हैं। डाइटिंग के दौरान जब वजन घटना बंद हो जाए, तो आपको मदद मिलेगी, पर सिर्फ इस डाइटिंग से आप वजन नहीं घटा सकते। ऐसी आदत से कमजोरी, सिर दर्द, कब्ज हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें – खाना पकने वाले बर्तन कैसे हों कहीं आप खाने में जहर तो नहीं मिला रहे

फैट फ्री डाइट चार्ट इन हिंदी Fat free diet chart pros and cons in Hindi

जो भी खा रहे हैं, उसमें फैट ना हो। घी-तेल नहीं खाएंगे, तो शरीर में चरबी जमा नहीं होगी।

खामियां : ठीक है कि डाइट में ज्यादा फैट से सिर्फ कैलोरीज ही मिलेंगी। सीमित मात्रा में ही सही, पर त्वचा में चमक और फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रखने के लिए हेल्दी फैट भी जरूरी है। फैट फ्री स्नैक्स खाने के चक्कर में लोग अकसर वे स्नैक्स ले बैठते हैं, जिनमें सिर्फ कैलोरीज और शुगर ही होती हैं।

इसे भी पढ़ें – आयुर्वेदिक मसाला चाय बनाने की आसान विधि 

One thought on “डाइट चार्ट इन हिंदी|पतले होने के लिए क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *