फ़ूड पॉइजनिंग के कारण लक्षण बचाव घरेलु नुस्खा और इलाज food poisoning Hindi

Spread the love

food poisoning Hindi-बाहर घूमने या किसी पार्टी में जाएं, तो कच्ची-अधपकी चीजें ना खाएं। इनसे फूड पॉइजनिंग हो सकती है। गरमियों और बरसात के मौसम और तीज-त्योहारों पर फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ जाते हैं। यह बीमारी टेस्टी खाना खाने से भी हो सकती है। हो सकता है यह खाना ऐसी जगह पर बना होगा, जहां सालमोनेला, ई. कोलाई या विब्रियो कॉलरी जैसे बैक्टीरिया होंगे।

आखिर कैसे होती है फूड पॉइजनिंग food poison causes hindi

फूड पॉइजनिंग ढाबे के ही नहीं, फाइव स्टार होटल में बने खाने से भी हो सकती है। अगर सब्जियां अच्छी तरह से साफ ना की गयी हों और उन्हें अच्छी तरह से पकाया ना गया हो, तो फूड पॉइजनिंग हो सकती है।

उबली और पकी हुई चीजों में बैक्टीरिया नहीं रहते, जिनसे यह बीमारी होती है। अगर खाना बनाते समय हाथ अच्छी तरह से साफ ना किए जाएं, तो भी यह बीमारी हो सकती है। कई लोग बाथरूम से आने के बाद अपने हाथ अच्छी तरह से साफ नहीं करते या फिर उनमें पहले से ही इन्फेक्शन होता है, तब इन हाथों से खाना बनाने से ये चीजें दूषित हो जाती हैं।

इसे भी पढ़ें – Amritdhara सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार /कपूरधारा/जीवन रसायन बनाने की विधि

फ़ूड पॉइज़निंग का कारण What are the main causes in Hindi

इसके अलावा सही ढंग से पैक ना की गयी चीजों को सही तापमान पर स्टोर ना करने से भी यह समस्या आ सकती है। पहले यह बीमारी कच्चे मांस, अंडे और पोल्ट्री उत्पादों की वजह से ज्यादा होती थी। अब ताजे फल-सब्जियां खानेवाले भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

खाने-पीने की चीजों के जरिए 250 से अधिक बीमारियां फैलती हैं। लेकिन फूड पॉइजनिंग के कारणों को 2 श्रेणियों में बांटा जा सकता है। ये हैं-इन्फेक्शन और टॉक्सिक एजेंट। इन्फेक्शन के एजेंट में वायरस, बैक्टीरिया और पैरासाइट्स आते हैं। जबकि टॉक्सिक एजेंट में जहरीले मशरूम, ऐसा खाना जो सही ढंग से ना बना हो और फल-सब्जियों पर छिड़की गयीं कीटनाशक दवाएं शामिल हैं।

फ़ूड पॉइज़निंग के लक्षण क्या हैं food poisoning symptoms in hindi

food poisoning symptoms
food poisoning symptoms

संक्रमित चीजें खाने से कुछ घंटों या एकाध दिन में इसके लक्षण उभरने लगते हैं। इनमें उल्टियां व लूज मोशन होना, बुखार आना, पेट में क्रैम्प्स पड़ना आदि शामिल हैं। ये लक्षण कितने गंभीर होंगे, यह इस पर निर्भर करता है कि उस चीज में संक्रमण कितना है और उसे खाया कितनी मात्रा में गया है। अगर इसका समय से उपचार ना किया जाए, तो डिहाइड्रेशन हो सकता है और नर्वस सिस्टम को भी नुकसान पहुंच सकता है। बच्चे, बूढ़े व ऐसे लोग जिनकी इम्युनिटी कमजोर है और गर्भवती महिलाएं इसकी चपेट में आसानी से आती हैं।

इसे भी पढ़ें – करक्यूमिन के फायदे, हल्दी के अर्क में मिलने वाला करक्यूमिन है एक चमत्कारी औषद्यि

फूड पॉइजनिंग से बचाव के घरेलू नुस्खे food poisoning home remedies Hindi

  • फूड पॉइजनिंग बहुत ज्यादा नहीं हैं, तो कुछ घरेलू नुस्खे भी आजमाए जा सकते हैं। डॉ. वैभव गुप्ता की राय में इसमें आराम करना बहुत जरूरी है, ताकि शरीर इसका मुकाबला कर सके।
  • शरीर को डिहाइड्रेट होने से बचाने के लिए मरीज को तरल चीजें दें। ये चीजें पानी, सेब का जूस या सूप कुछ भी हो सकती हैं। पानी हमेशा उबाल कर इस्तेमाल में लाएं।
  • ओआरएस का घोल लेना सबसे सही रहता है। अगर ओआरएस का पैकेट ना हो, तो हर 1-2 घंटे के अंतर पर 1 गिलास उबले हुए पानी में चुटकीभर नमक और 1 चम्मच चीनी डाल कर मरीज को पिलाएं। शिकंजी पिलाने से भी लाभ होता है।
  • घर का बना दही खिलाएं। चाहें, तो छाछ भी दे सकते हैं।
  • अच्छी तरह से धो कर पकायी गयी सब्जियां और फल
  • फूड पॉइजनिंग होने पर शरीर में पोटैशियम का स्तर काफी कम हो जाता है, ऐसे में केला खिलाएं। दर्दनिवारक दवाओं से परहेज करें। दर्द में आराम के लिए पेट पर गरम पानी का बैग रखें।
  • उल्टियों में आराम के लिए दांतों के बीच में एक लौंग या अदरक दबा कर रखने के लिए दें।
  • फूड पॉइजनिंग होने पर चावल का मांड पिलाने से भी फायदा होता है।
  • सेहत में सुधार होने पर मरीज को एकदम से गरिष्ठ भोजन देना ना शुरू करें। तली हुई, मसालेदार चीजों से परहेज करें।

फ़ूड पॉइज़निंग का इलाज treatment Hindi

अगर 1-2 दिनों में इसके लक्षणों में सुधार ना हो, तो डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए ड्रिप लगाने के साथ एंटीबैक्टीरियल दवाएं भी दे सकते हैं।

इसे भी पढ़ें –गोंद के लड्डू ताकत से भरपूर सुस्ती रक्खे दूर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *